Skip to main content
Raipur, Chhattisgarh info@chhttisgarhabc.org +91 90984 98822
← Back to stories

बाल विवाह पर अंकुश लगाने गोलबंद हुए सक्ती के व्यापारी

SBC_2023 30 Apr 2024 Nudge and Behavioral Economics

बाल विवाह पर अंकुश लगाने गोलबंद हुए सक्ती  के व्यापारी
Share

- पोस्टर लगाकर तथा ग्राहक से बात करके बना रहे जन-आंदोलन 

- बाल विवाह संबंधी ग्राहकों को नहीं बेचेंगे सामान, देंगे पुलिस को सूचना 


सक्ती।  अब व्यापार जगत के लोगों ने बाल विवाह रोकथाम के लिए कमर कस ली है। व्यापारी वर्ग अपने दूकान और आस -पास के भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में बाल विवाह रोकथाम के पोस्टर लगाकर आनेवाले प्रत्येक ग्राहक से इस पर बात करते हैं। वे न सिर्फ इसे जन-आंदोलन का रूप  दे रहे हैं बल्कि उनके द्वारा यह भी प्रयास किया जा रहा है कि बाल-विवाह के किसी भी ग्राहक को कोई सामन नहीं बेचेंगे। ऐसे किसी भी विवाह होने की संभावना पर पुलिस को सूचित करेंगे।  

उक्त पूरी रणनीति के सूत्रधार यूनिसेफ सीएसओ छत्तीसगढ़ वी द पीपल के डीएमसी तोषित चौहान रहें।  उन्होंने पहले सक्ती जिला गल्ला किराना व्यापारी संघ  के अध्यक्ष एवं बंसल सुपर बाज़ार के डायरेक्टर श्री सुनील बंसल जी से मुलाक़ात की। उनके साथ मिलकर शहर के शेष प्रभावशाली व्यापारियों से मिलकर तीन बिंदु पर काम करने की रणनीति बनायीं।  

पहला, आमजन और ग्राहकों को जानकारी देने की खातिर अपने दूकान और इलाकाई क्षेत्रों में पोस्टर अभियान ; दूसरा, प्रत्येक ग्राहकों से इस पर बात-चीत करके इसे जन-आंदोलन का रूप देना और तीसरा, बाल विवाह से जुड़े ग्राहकों को सामान नहीं बेचने और पुलिस को सूचना देने की प्रतिज्ञा के साथ काम करना।  

इस प्रकार व्यापारी वर्ग ने काम करना प्रारम्भ किया और देखते ही देखते अब तक करीब  10 हजार से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुँच चुकी है।  


डीएमसी तोषित चौहान ने बताया कि इस कार्य में विशेष रूप से कपड़ा व्यापारी, फ़र्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं किराना व्यापारियो के 40 दुकानदारों का बेहतर सहयोग प्राप्त हुआ है। इस पहल से यह संभावना प्रबल होती जा रही है कि है कि आगामी 2 सप्ताह में 25-30 हज़ार जनता तक बाल विवाह मुक्त सक्ती की लहर पहुंचेगी।                        

गौरतलब हो कि ज़िला प्रशासन सक्ती एवं यूनिसेफ़ के द्वारा बाल विवाह रोकथाम की पहल प्रारभ हुई है। व्यापारियों के इस पहल से समाज में साकारात्मक वातावरण का निर्माण हुआ है और प्रशासन को सहयोग मिलने से वे खासे उत्साहित हैं।