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एक सवाल, बड़ा बदलाव: ‘आज क्या सीखा?’ ने जशपुर में शिक्षा संवाद को दिया नया आयाम

chhattisgarhabc 26 Feb 2026 Social change and Community Champions

एक सवाल, बड़ा बदलाव: ‘आज क्या सीखा?’ ने जशपुर में शिक्षा संवाद को दिया नया आयाम
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कलेक्टर रोहित व्यास  बनें इस पहल की सफलता का जीवंत उदाहरण

जशपुर | कभी-कभी किसी योजना की सफलता बड़े भाषणों या आंकड़ों से नहीं, बल्कि घर के एक छोटे से सवाल से दिखाई देने लगती है। जशपुर जिले में “आज क्या सीखा?” पहल की यही ताकत सामने आई है, जिसने बच्चों, अभिभावकों और प्रशासन—तीनों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाया है।

जी हाँ  !  यह  बदलाव जशपुर  कलेक्टर  के  घर से  प्रारंभ हुआ  है।  जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास इस पहल के प्रभाव से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इसे अपने घर से अपनाकर इसकी सच्ची परीक्षा की। उन्होंने बताया कि वे रोज़ स्कूल से लौटने के बाद अपनी बेटी से केवल एक सवाल पूछते हैं— “आज क्या सीखा?”

इस प्रश्न का परिणाम यह हुआ कि उनकी बेटी न सिर्फ पढ़ाई, बल्कि स्कूल में हुई सभी गतिविधियों, चर्चाओं और अनुभवों को उत्साह से साझा करने लगी। यह संवाद धीरे-धीरे सीखने, समझने और आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम बन गया।

नीति से व्यवहार तक: कलेक्टर की रणनीति

कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि यूनिसेफ और एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज की यह पहल केवल एक सवाल नहीं, बल्कि अभिभावक-बच्चे संवाद की रणनीति है।

उन्होंने इसे एक निर्णायक व्यवहार परिवर्तन मॉडल बताया, जो अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई से जोड़ता है,

बच्चों को खुलकर बोलने का अवसर देता है, गांवों में शिक्षा का मजबूत इको-सिस्टम तैयार करता है, उनके अनुसार, जब घर में संवाद बदलता है, तो स्कूल और समाज में भी बदलाव दिखाई देता है।

कार्यशाला में साझा किया अनुभव, मिली सराहना

कलेक्टर रोहित व्यास ने यह अनुभव जिला प्रशासन, यूनिसेफ, एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज, सर्वहितम और एग्रिकोन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “संवाद–संस्कार” कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में साझा किया।

उनकी बात सुनकर मंच पर उपस्थित डीआईजी डॉ. लाल उम्मेद सिंह, शिक्षकगण, जय हो वॉलिंटियर्स और अधिकारीगण ने तालियों से इस पहल का स्वागत किया। यह स्पष्ट संकेत था कि यह योजना केवल कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के दिलों तक पहुंच रही है।

योजना की सफलता से भविष्य की दिशा

कलेक्टर ने एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के स्टेट नोडल इंचार्ज एवं सर्वहितम के चेयरमैन मनीष सिंह से कहा कि वे ऐसे और नवाचार विकसित करें, जो सीधे परिवारों और समुदायों के व्यवहार को प्रभावित करें। उन्होंने समग्र शिक्षा परियोजना के जिला पदाधिकारी द्वारा किये प्रयास के लिए  आभार व्यक्त किया। 

इस अवसर पर मनीष सिंह और एग्रिकोन के स्टेट कोऑर्डिनेटर योगेश पुरोहित ने कलेक्टर द्वारा इस पहल को स्वयं अपनाने पर आभार जताया।


गांव-गांव तक पहुंचेगा असर

“आज क्या सीखा?” पहल का असर अब जिला स्तर से आगे बढ़ चुका है। स्वयंसेवक इसे गांव-गांव तक ले जाने की योजना बना रहे हैं। इससे जशपुर में शिक्षा को लेकर एक सकारात्मक माहौल बना है, जहां सीखना सिर्फ स्कूल की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे परिवार का साझा प्रयास बन रहा है।

यह इम्पैक्ट स्टोरी इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासन खुद उदाहरण बनता है, तो योजना अभियान बन जाती है—और ऐसे सवाल बदलाव की शुरुआत।