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छत्तीसगढ़ ABC (यूनिसेफ) के तत्वाधान में भाटागांव हमर अस्पताल में मनाया गया विश्व स्तनपान दिवस

Sourabh 17 Aug 2023 Social change and Community Champions

छत्तीसगढ़ ABC (यूनिसेफ) के तत्वाधान में भाटागांव हमर अस्पताल में मनाया गया विश्व स्तनपान दिवस
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विश्व स्तनपान दिवस : जन्म के 1 घंटे के भीतर माँ का गाढ़ा पीला दूध बच्चों के लिए अमृत, छत्तीसगढ़ ABC (यूनिसेफ) के द्वारा राजधानी में बढ़ाई जा रही है जागरूकता 

रायपुर. 4 अगस्त 2023। हर साल अगस्त के पहले हफ्ते में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। पूरे सप्ताह मनाए जाने वाले इस इवेंट का मकसद स्तनपान के महत्व को उजागर करना और नवजात शिशु के वृद्धि और विकास पर बात करना है, वैश्विक रूप से इस सप्ताह को मनाया जाता है। इसी सबंध में छत्तीसगढ़ ABC (यूनिसेफ) ने राजधानी के भाटागांव हमर अस्पताल में नवजात शिशुओं की माताओं को स्तनपान के बारे में जानकारी दी। इस दौरान  ABC की स्टेट प्रोग्राम मैनेजर दीपिका सिंह ने वहां मौजूद महिलाओं को बताया कि नवजात बच्चे के लिए मां का दूध सबसे उत्‍तम आहार है। यह विभिन्न प्रकार की बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। इसके लिए जागरूकता अभियान शुरू किए गए हैं।

जन्म के 1 घंटे के अंदर जरूर पिलाएं मां का दूध

भाटागांव हमर अस्पताल की डॉक्टर वर्षा राजेत्री ने बताया कि जन्म के एक घंटे के भीतर मां के पीले गाढ़े दूध में कई प्रकार के पोषक तत्व होते हैं। यह दूध बच्चों में शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। ऐसे में प्रसव के तुरंत बाद डॉक्टरों और कर्मचारियों को यह प्रशिक्षण दिया जाता है कि नवजात को तुरंत दूध जरूर पिलाएं। ऐसा करने से मां और बच्चों में आत्मीय लगाव भी बढ़ता है। 

स्तनपान से बढ़ती है बच्चों में रोग प्रतिरोधक छमता 

ABC की स्टेट प्रोग्राम मैनेजर दीपिका सिंह ने बताया कि स्तनपान शिशु को शक्तिशाली और सुरक्षित बनाता है, जिससे उसके विकास और रोग प्रतिरोध में सुधार होता है। स्तनपान करने से माँ के शारीर में हार्मोनल संतुलन होता है और उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। स्तनपान के दौरान माँ और बच्चे के बीच नैसर्गिक संबंध और मजबूत होता है। माँ के दूध में शरीर द्वारा उत्पन्न अंतिबॉडीज़ होते हैं जो शिशु को इंफेक्शन और अन्य बीमारियों से बचाते हैं। स्तनपान का उपयोग प्लास्टिक या अन्य पैकेजिंग के लिए विकसित विकल्पों के बजाय प्राकृतिक रूप से शिशु को पोषण प्रदान करने में मदद करता है। स्तनपान एक प्राकृतिक और सुंदर प्रक्रिया है जो माँ-बच्चे के बीच एक गहरा और अद्भुत संबंध बनाती है। यह न केवल शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करता है, बल्कि माँ के स्वास्थ्य को भी सुनिश्चित करता है। विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर, हमें इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के महत्व को समझना चाहिए और स्तनपान को समर्थन देकर प्रोत्साहित करना चाहिए। इस मौके पर भाटागांव हमर अस्पताल की डॉक्टर वर्षा राजेत्री, डॉक्टर अलका जोहरी, ABC (यूनिसेफ)  की स्टेट प्रोग्राम मैनेजर दीपिका सिंह, स्टेट कोर्डिनेटर निखिल सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।