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10 Feb

विश्विद्यालय समाज का अंग, मिलकर बहाएं विकास की गंगा : कुलपति

विश्विद्यालय समाज का अंग, मिलकर बहाएं विकास की गंगा : कुलपति

विश्विद्यालय समाज का अंग, मिलकर बहाएं विकास की गंगा : कुलपति

बिलासपुर | विश्विद्यालय समाज का अंग है। जब समाज का प्रत्येक सदस्य विश्विद्यालय को अपना मानकर कार्य करे और सामुदायिक संचालन करे तो विकास की पवित्र गंगा बहेगी। मैं आप सभी एनजीओ मित्रों के साथ कदमताल करके विकास की नई गाथा लिखने में आपका सहयोगी बनूंगा। उक्त बातें गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी , बिलासपुर के माननीय कुलपति डॉ आलोक चक्रवाल ने यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन में आयोजित एनजीओ मीट के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने प्रतिभागी एनजीओ के प्रत्येक सुझावों को सहर्ष स्वीकार करके विकास कार्यों को मजबूत करने में अपनी सहमति दी। इस मौके पर अलायन्स फॉर बिहेवियर चेंज के नोडल मनीष सिंह ने अलायन्स की भूमिका, बिहेवियर क्लब के गठन और उसमें एनजीओ की सहभागिता पर विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने एनजीओ के कार्यक्षेत्र के अनुसार यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के साथ उन्मुखीकरण का सुझाव देते हुए विकास को मानव केन्द्रित बनाने का सलाह दिया, जिसे कुलपति ने सहर्ष स्वीकार किया। यूनिसेफ डीएमसी रीमा गांगुली ने सामाजिक व्यवहार परिवर्तन और यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर होनेवाले एसबीवीसी कोर्स मॉड्यूल और ग्रीन जॉब्स पर बातें की।

इस मीट में आए एनजीओ प्रतिनिधियों ने कई बेहतर सुझाव रखे, जिसे यूनिवर्सिटी पदाधिकारियों ने गंभीरता से सुना।

कार्यक्रम संयोजक और समाज कार्य विभागाध्यक्ष डॉ प्रतिभा मिश्रा ने मंच संचालक किया और कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी।

कार्यक्रम के दौरान अलायन्स फॉर बिहेवियर चेंज के नोडल मनीष सिंह, कुलपति डॉ आलोक चक्रवाल और रजिस्ट्रार डॉ मनीष श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से एनजीओ मीट का टी- शर्ट प्रदान किया।

कार्यक्रम का समापन यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ मनीष श्रीवास्तव ने आभार प्रकट करते हुए की।

इस मीट में करीब 103 एनजीओ प्रतिभागी, यूनिवर्सिटी अधिकारी और दर्जनों छात्र उपस्थित थे।



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