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26 Jan

महिला सशक्तिकरण की हुयी राह आसन

महिला सशक्तिकरण की हुयी राह आसन

श्री श्री हिंगलाज मा समिति

हमने अंतागढ़ क्षेत्र मे महिला उत्थान हेतु बहुत से समूह निर्माण किये, यह महिलाएं समूह के माध्यम से लोन लेकर कुछ किराना स्टोर चला रही हैं। जिसमें चावल, गेहूं, हल्दी आदि की पिसाई कर आर्थिक लाभ लेती हैं। क्षेत्र में अत्यधिक आर्थिकमंदी की स्थिति होने के कारण महिलाएं इससे काफ़ी अधिक परेशान थीं। वहां रोजगार के साधन नहीं थे। लोग जीवकोपार्जन हेतु राज्य से बाहर पलायन करते थे। महिलाएं भी उनके साथ बाहर जाती थीं। संस्था के द्वारा इस समस्या का वृहद एवं गहन अध्ययन किया गया और इस समस्या के कारण क्षेत्र में अशिक्षा और पिछड़ापन पाया गया। शासन की योजनाओं का भी लाभ इनको नहीं मिल पाता था। तत्पश्चात हमने सर्वप्रथम यहाँ की महिलाओं को लेकर समूह बनाने का प्रयास किया, जिसमें प्रारम्भ मे हमें काफ़ी समस्याएं आयी लेकिन हमने ग्राम में 7 स्व-सहायता समूहों का निर्माण किया। 7 समूहों में से एक माँ-हिंगलाजिन समूह, आज अपने अचार-पापड़ और अन्य क़ृषि उत्पाद को NRLM के साथ मिलकर रायपुर मे बेचता है और लाभ अर्जित करता हैI

क्षेत्र की महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हुई है एवं पारिवारिक खर्चों में सहयोग कर पा रही है। काम एवं रोजगार मिलने से पलायन को कुछ हद तक कम किया जा सका है।पलायन रोकने हेतु, कौशल प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन। काम करने के अवसरों की उपलब्धता अधिक से अधिक उपलब्ध करवाना।

 


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